Search This Blog

Monday, November 24, 2014

पुराने दिन

वो ससुर की चुटकी, वो सास के ताने;
आज याद आ गए वो दिन पुराने।

जब उसके घर आई थी मेहमान बनकर;
और उसकी मुहब्बत ने मेज़बानी दे दी।

जब लड़कपन बदलते ही थे घर बदले;
और इश्क़ ने मुझे भी एक कहानी दे दी।

आज, जब वो सहमी सी, मेरे घर आएगी;
जब मुझे सास कहकर रुकेगी, मुस्कुराएगी..

नए रूप में फिर आएँगे वो गुज़रे ज़माने।
तभी याद आ गए वो दिन पुराने।

----

No comments:

Post a Comment